Posts

True guru

Image
असली गुरु कौन है?   परम पिता परमात्मा की प्रेम परिपूर्ण आत्माएं एक प्रबुद्ध गुरु की खोज में लगी रहती हैं जो उन्हें मोक्ष प्राप्त करने में मदद कर सके। ऐसे अनेकों गुरु हैं जो अपने अनुमान से बनाई हुई साधना पद्धतियों के द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान बता रहे हैं। साधक के भीतर हमेशा यह प्रश्न रहता है कि वह सही गुरु की पहचान कैसे करे। गुणवत्ता की कसौटी के अभाव में वह किसी ज्योतिषी, कथावाचक, भगवाधारी या स्वयं घोषित संत को अपना गुरु मान बैठते हैं। सत्य से अनभिज्ञ प्रत्येक शिष्य निस्संदेह मानता है कि उसके गुरु ही सबसे अधिक ज्ञानी हैं और उसे परमात्मा का साक्षात्कार करायेंगे। सत्य साधक केवल उपलब्धता या भावनाओं के आधार पर नहीं बल्कि शास्त्र सम्मत तथ्यों के आधार पर आध्यात्मिक गुरु चुनना चाहता है। सुंदर काया, अद्वितीय दृश्य श्रृंगार और यहां तक कि मधुर भाषण कला में निपुण मात्र व्यक्ति भी आध्यात्मिक गुरु होने के योग्य नहीं है। प्राचीन ग्रंथों में एक कथा प्रचलित है अष्टावक्र जी के बारे में,  जिनके बदसूरत शरीर में आठ कूबड़ थे, ज्ञान पिपासु सम्राट जनक के दरबार में आयोजित ज्ञान चर्चा में...

Education

Image
🔅 शिक्षा पद्धति शिक्षा स्त्री और पुरुषों दोनों के लिए समान रुप से आवश्यक है, क्योंकि स्वास्थ्य और शिक्षित समाज का निर्माण दोनो द्वारा मिलकर ही किया जाता हैं। यह उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक यंत्र होने के साथ ही देश के विकास और प्रगति में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस तरह, उपयुक्त शिक्षा दोनों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती है। वो केवल शिक्षित नेता ही होते हैं, जो एक राष्ट्र का निर्माण करके, इसे सफलता और प्रगति के रास्ते की ओर ले जाते हैं। शिक्षा जहाँ तक संभव होता है उस सीमा तक लोगों बेहतर और सज्जन बनाने का कार्य करती है। 🔅 आधुनिक शिक्षा प्रणाली अच्छी शिक्षा जीवन में बहुत से उद्देश्यों को प्रदान करती है जैसे; व्यक्तिगत उन्नति को बढ़ावा, सामाजिक स्तर में बढ़ावा, सामाजिक स्वस्थ में सुधार, आर्थिक प्रगति, राष्ट्र की सफलता, जीवन में लक्ष्यों को निर्धारित करना, हमें सामाजिक मुद्दों के बारे में जागरूक करना और पर्यावरण समस्याओं को सुलझाने के लिए हल प्रदान करना और अन्य सामाजिक मुद्दे आदि। दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के प्रयोग के कारण, आजकल शिक्षा प्रणाली बहुत साधारण और आसान हो...

Good habit

Image
मनुष्य जीवन में संस्कारों का बड़ा महत्व है। संसार में किसी भी इंसान का आचार व व्यवहार देखकर ही उसके परिवार के संस्कारों का अनुमान लगाया जा सकता है। 🔅 हिंदू धर्म में संस्कारों का स्थान संस्कारों का हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण स्थान था। प्राचीन समय में जीवन विभिन्न खंडों में विभाजन नहीं, बल्कि सादा था। सामाजिक विश्वास कला और विज्ञान एक- https://youtu.be/5B3UnwznI5 से सम्बंधित थे। संस्कारों का महत्व हिंदू धर्म में इस कारण था कि उनके द्वारा ऐसा वातावरण पैदा किया जाता था, जिससे व्यक्ति के सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास हो सके। 🔅 संस्कारों की उपयोगिता प्राचीन समय में संस्कार बड़े उपयोगी सिद्ध हुए। उनसे व्यक्तित्व के विकास में बड़ी सहायता मिली। मानव जीवन को संस्कारों ने परिष्कृत और शुद्ध किया तथा उसकी भौतिक तथा आध्यात्मिक आकांक्षाओं को पूर्ण किया। 💠 जन विकारों को दूर करने के लिए संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने लिया प्रण। 🔅 संत रामपाल जी महाराज ने उठाया भारत को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का बीड़ा। उनके शिष्य ना तो रिश्वत लेते हैं और ना ही . मांस न खाने और जीव हत्या न करने के...

सद्भक्ति की क्या आवश्यकता है |

Image
आज हम पढ़ेंगे कि सद्भक्ति क्यों जरूरी है और वह शांत कौन है जो सद्भक्ति बता रहे हैं सत भक्ति करने से मानव का मोक्ष संभव है हमने कई जगह पर पड़ा है | - सतभक्ति से मोक्ष मानव जीवन में सतभक्ति नहीं की तो परमात्मा के विधान अनुसार चौरासी में महाकष्ट उठाना पड़ता है। सतभक्ति पूर्ण सन्त ही बताते हैं। - सतभक्ति से जीवन सुखी सतभक्ति से इंसान इस जीवन में भी सुखी रहता है व उसको मृत्यु के पश्चात भी सही ठिकाना मिल जाता है। - सतभक्ति से रोग नाश असाध्य बीमारियों का इलाज सतभक्ति से ही संभव है। इसलिए सतभक्ति अपनाएं, जीवन सफल बनायें। - भक्ति का महत्व भक्ति करने से हमारे विचारों में शुद्धता आती है और आत्मा पवित्र बन जाती है। अधिक जानकारी के लिए सत्संग देखे साधना चैनल पर 7:30 बजे शाम को Website - www.jagatgururampalji.org/

Supreme god is Kabir

Image
हमारे सभी धर्म के पवित्र शास्त्रों में सर्वशक्तिमान परमात्मा के बारे में बहुत सी जानकारियां दी गई जिसमें से यजुर्वेद अध्याय नंबर 5 मंत्र नंबर 32 में परमात्मा के बारे में बताया गया है कि परमात्मा पाप को नाश करने वाला है पाप का शत्रु है मनुष्य के द्वारा किए गए गौर से गौर पापों का नाश कर सकता है और समर्थ परमात्मा कबीर साहेब है |  वेदों तथा अन्य शास्त्रों में प्रमाण है कि परमात्मा सतलोक तथा ऊपर के लोगों तथा पृथ्वी पर मनुष्य शरीर में विद्यमान है यानी कि पूर्ण परमात्मा मनुष्य के समान है नर आकर में है वह परमात्मा कबीर परमेश्वर है|  कबीर परमेश्वर पृथ्वी पर अपनी लीला के लिए शिशु रूप में अवतरित होते हैं और लोकोक्तियां तथा वाणी के रूप में अपना आध्यात्मिक अनमोल ज्ञान संसार में प्रकट कर तत्वज्ञान को बोलकर सुनाते हैं और मोक्ष का मार्ग बताते हैं और इस काल जाल से मुक्त कराने की पूर्ण विधि बताते हैं  पवित्र यजुर्वेद में बताया है कि कबीर परमेश्वर सर्वशक्तिमान है वह तेजोमय शरीर में है वह परमात्मा पूजा के योग्य हैं उसकी प्राप्ति के लिए तत्वदर्शी संत के बारे में कहा गया है कि उसकी...

बर्बादी की राह नशाl

Image
शराब में ऐसा नशा है जो अनमोल मानव जीवन को बर्बाद कर देती है। सद्भगति में ऐसा नशा है जो मर्यादा में रहकर की जाए तो जीवन को आबाद कर देती है। फैसला आपको करना है। नशा सर्वप्रथम तो इंसान को शैतान बनाता है फिर शरीर का नाश हृदय है। शरीर के चार महत्वपूर्ण अंग हैं फेफड़े, लीवर, गुर्दे, हृदय। शराब सबसे प्रथम इन चारों अंगों को खराब करती है। इन सब से निजात पाने के लिए संत रामपाल जी महाराज के सत्संग अवश्य सुनें। यदि आप शराब की लत नहीं छोड़ पा रहे हैं और नशा मुक्ति केंद्र से भी आपको इस बारे में सफलता नहीं मिली है। तो निराश न हों संत रामपाल जी महाराज से उपदेश लेकर आप इसे बड़ी आसानी से छोड़ सकते हैं। शराब एक ऐसी खतरनाक बुराई है जो बसे बसाए खुशहाल परिवार को भी उजाड़ देती है, तथा धन व बल दोनों का नाश करती है। मेरा अनुभव यह कहता है कि संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेकर सत भक्ति करने से बड़े से बड़ा नशा व्यक्ति आसानी से छोड़ देता है अतः संत रामपाल जी महाराज की शरण ग्रहण करें अधिक जानकारी के लिए देखें साधना चैनल पर संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन शाम को 7:30 से 8:30...