बर्बादी की राह नशाl


शराब में ऐसा नशा है जो अनमोल मानव जीवन को बर्बाद कर देती है। सद्भगति में ऐसा नशा है जो मर्यादा में रहकर की जाए तो जीवन को आबाद कर देती है। फैसला आपको करना है।



नशा सर्वप्रथम तो इंसान को शैतान बनाता है फिर शरीर का नाश हृदय है। शरीर के चार महत्वपूर्ण अंग हैं फेफड़े, लीवर, गुर्दे, हृदय। शराब सबसे प्रथम इन चारों अंगों को खराब करती है। इन सब से निजात पाने के लिए संत रामपाल जी महाराज के सत्संग अवश्य सुनें।




यदि आप शराब की लत नहीं छोड़ पा रहे हैं और नशा मुक्ति केंद्र से भी आपको इस बारे में सफलता नहीं मिली है।
तो निराश न हों संत रामपाल जी महाराज से उपदेश लेकर आप इसे बड़ी आसानी से छोड़ सकते हैं।


शराब एक ऐसी खतरनाक बुराई है जो बसे बसाए खुशहाल परिवार को भी उजाड़ देती है, तथा धन व बल दोनों का नाश करती है।

मेरा अनुभव यह कहता है कि संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेकर सत भक्ति करने से बड़े से बड़ा नशा व्यक्ति आसानी से छोड़ देता है अतः संत रामपाल जी महाराज की शरण ग्रहण करें

अधिक जानकारी के लिए देखें साधना चैनल पर संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन शाम को 7:30 से 8:30 बजे तक

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