True guru
असली गुरु कौन है? परम पिता परमात्मा की प्रेम परिपूर्ण आत्माएं एक प्रबुद्ध गुरु की खोज में लगी रहती हैं जो उन्हें मोक्ष प्राप्त करने में मदद कर सके। ऐसे अनेकों गुरु हैं जो अपने अनुमान से बनाई हुई साधना पद्धतियों के द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान बता रहे हैं। साधक के भीतर हमेशा यह प्रश्न रहता है कि वह सही गुरु की पहचान कैसे करे। गुणवत्ता की कसौटी के अभाव में वह किसी ज्योतिषी, कथावाचक, भगवाधारी या स्वयं घोषित संत को अपना गुरु मान बैठते हैं। सत्य से अनभिज्ञ प्रत्येक शिष्य निस्संदेह मानता है कि उसके गुरु ही सबसे अधिक ज्ञानी हैं और उसे परमात्मा का साक्षात्कार करायेंगे। सत्य साधक केवल उपलब्धता या भावनाओं के आधार पर नहीं बल्कि शास्त्र सम्मत तथ्यों के आधार पर आध्यात्मिक गुरु चुनना चाहता है। सुंदर काया, अद्वितीय दृश्य श्रृंगार और यहां तक कि मधुर भाषण कला में निपुण मात्र व्यक्ति भी आध्यात्मिक गुरु होने के योग्य नहीं है। प्राचीन ग्रंथों में एक कथा प्रचलित है अष्टावक्र जी के बारे में, जिनके बदसूरत शरीर में आठ कूबड़ थे, ज्ञान पिपासु सम्राट जनक के दरबार में आयोजित ज्ञान चर्चा में...